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खुश रहने के लिए आपको किसी भी प्रकार के रिश्तों में जुड़ें रहने की ज़रुरत नहीं है। अगर आप सच में खुशी चाहते हैं, तो इसे दूसरों में नहीं खुद में तलाशें। सोलवेदा की इस लघु कथा में जाने कैसे मधु को दिव्या ने सिखाया खुद के अंदर हैप्पीनेस फाइंड करने का तरीका।
अपने भीतर खुशी तलाशें
एक अलग सी मुस्कान के साथ वह बोली, 'मेरा नाम दिव्या है'। क्या मैं आपके बगल में बैठ सकती हूं, आपको कोई दिक्कत तो नहीं होगी ना? दरअसल, मेरे पैर वहां टकरा रहे हैं। सोलवेदा की इस लघु कथा को यहां पढ़िए : https://hindi.soulveda.com/laghu-katha/prem-kahaniya/apne-bhitar-khushi-talashen/